🛑 डिजिटल अरेस्ट स्कैम 2025: सुप्रीम कोर्ट की चौंकाने वाली चेतावनी और 7 सुरक्षात्मक उपाय

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डिजिटल अरेस्ट स्कैम एक ऐसा साइबर फ्रॉड है जिसमें ठग फोन, व्हाट्सएप या वीडियो कॉल के जरिए खुद को CBI, ED, पुलिस, साइबर सेल या कोर्ट अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं।

वे आरोप लगाते हैं कि:

  • आपका आधार/बैंक अपराध में उपयोग हुआ है
  • आप मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स, मानव तस्करी या आतंकवाद से जुड़े हैं
  • आपके खिलाफ केस दर्ज है
  • कोर्ट ने आपको “डिजिटल अरेस्ट” में रखा है

इसके बाद अपराधी फर्जी आदेश, नकली दस्तावेज़ और वीडियो कॉल पर यूनिफॉर्म दिखाकर पीड़ित को डराते हैं और बैंक में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं

👉 सच्चाई:
भारत में “डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया मौजूद नहीं है
कोर्ट या पुलिस कभी भी फोन/वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती।

What is Digital Arrest Scam in India

Supreme Court action on digital arrest scam


⚖️ सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी और बड़ा कदम

साल 2025 में वरिष्ठ नागरिकों के साथ हो रही ठगी देखकर सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का स्वयं सुओ-मोटो संज्ञान लिया।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा कही गई प्रमुख बातें:

  • यह स्कैम “चौंकाने वाला और खतरनाक” है
  • देशभर में लगभग ₹3000 करोड़ की ठगी हो चुकी है
  • इस फ्रॉड को “लोहे के हाथों” से रोकना होगा
  • कोर्ट ने कहा — “अनूठे हालात के लिए असामान्य आदेश देने पड़ सकते हैं”
  • कोर्ट ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, CBI, साइबर पुलिस और ED को नोटिस भेजा
  • फर्जी “सुप्रीम कोर्ट आदेश” दिखाकर ठगी करना जनता के भरोसे पर हमला है
  • कोर्ट ने ऐसे अपराधियों को जमानत न देने का निर्देश दिया

👉 निष्कर्ष:
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि यह राष्ट्रीय स्तर का बड़ा फ्रॉड है और इसकी रोकथाम सरकार व एजेंसियों की प्राथमिकता है।


🔍 डिजिटल अरेस्ट स्कैम का तरीका (Modus Operandi)

(सभी स्टेप verified sources पर आधारित)

  1. पहला संपर्क
    ठग खुद को पुलिस/CBI/ED अधिकारी बताते हुए कॉल करते हैं।
  2. डराने की शुरुआत
    कहते हैं कि आपका नंबर, बैंक या आधार किसी अपराध में पाया गया है।
  3. फर्जी “डिजिटल अरेस्ट” की घोषणा
    दावा किया जाता है कि कोर्ट ने आपको घर में ही नजरबंद किया है।
  4. नकली दस्तावेज़ और वीडियो कॉल ड्रामा
    • नकली यूनिफॉर्म
    • फर्जी कोर्ट आदेश
    • CBI/ED के फर्जी लेटर
    • बैकग्राउंड में “ऑफिस” सेटअप
      …ताकि आप डर जाएँ।
  5. पैसे की मांग
    आरोपियों के अनुसार:
    • “जमानत राशि जमा करनी है”
    • “खाता freeze बचाने के लिए पैसे भेजो”
    • “verification fees देनी है”
  6. लंबा वीडियो कॉल — निगरानी का नाटक
    घंटों कैमरा ऑन रखवाया जाता है ताकि पीड़ित किसी से बात न कर सके।
  7. ट्रांसफ़र पूरा → ठग गायब

🇮🇳 भारत में दर्ज प्रमुख मामले (Actual Reported Cases)

Latest cybercrime scams affecting seniors

1️⃣ महाराष्ट्र का डॉक्टर – ₹7.17 करोड़ ठगी

नकली वीडियो कॉल, फर्जी सुप्रीम कोर्ट आदेश और ED नोटिस दिखाकर 7 करोड़ से ज्यादा वसूले गए।

2️⃣ पुणे में 82 वर्षीय अधिकारी और पत्नी – ₹1.19 करोड़

लंबे समय तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर ठगी। मानसिक दबाव के कारण पति का निधन हो गया।

3️⃣ पुणे – 70 वर्षीय व्यक्ति – ₹1.44 करोड़

NIA/ATS अधिकारी बनकर ठगों ने अपराध का बहाना बनाया।

4️⃣ बेलगावी बुजुर्ग दंपत्ति – ₹50 लाख

CBI अधिकारी बताकर धमकाया, एक पीड़ित ने आत्महत्या कर ली।

5️⃣ चेन्नई – 70 वर्षीय महिला – ₹24 लाख

मानव तस्करी का झूठा आरोप लगाकर ठगने की कोशिश।

👉 सबसे ज्यादा शिकार:
वरिष्ठ नागरिक, घर पर अकेले रहने वाले लोग, कम तकनीकी जानकारी वाले व्यक्ति।


📜 कौन-कौन से कानून लागू होते हैं? (Legal Sections)

इन मामलों में आमतौर पर लगाया जाता है:

  • IPC 419/420 – प्रतिरूपण और धोखाधड़ी
  • IPC 384 – डराकर पैसे वसूलना
  • IPC 463-471 – दस्तावेजों की जालसाजी
  • IPC 506 – धमकी देना
  • IT Act 66C – पहचान की चोरी
  • IT Act 66D – इलेक्ट्रॉनिक धोखाधड़ी
  • IPC 120B – साजिश

ये धाराएँ अपराध को गंभीर गैर-जमानती अपराध बनाती हैं।

How to report digital arrest fraud


⚖️ स्कैम की धमकी vs असली कानूनी स्थिति

स्कैम की धमकीअसली कानूनी हक
“आप डिजिटल अरेस्ट में हैं।”भारत में डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई चीज नहीं है।
“सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया है।”असली आदेश सिर्फ लिखित होते हैं और कोर्ट की वेबसाइट पर मिलते हैं।
“CBI/POLICE पैसे तुरंत भेजो।”सरकार कभी फोन पर पैसा नहीं मांगती।
“आपकी संपत्ति जब्त होगी।”संपत्ति सिर्फ कोर्ट के लिखित आदेश से ही जब्त होती है।

🛡️ बचाव के उपाय (Safety Tips)

इन्हें जरूर अपनी साइट के readers को बताएं → बहुत help होगी।

✔ 1. किसी भी सरकारी कॉल पर तुरंत विश्वास न करें

पहले अधिकारी का नाम, बैज-ID, पद, थाने का नाम verify करें।

✔ 2. कॉल काटें — और 1930 पर शिकायत करें

डराने वाली कॉल 100% स्कैम होती है।

✔ 3. पैसे बिल्कुल न भेजें

याद रखें:
कोई सरकारी एजेंसी फोन पर पैसे नहीं मांगती।

✔ 4. स्क्रीन शेयर न करें

ठग आपके बैंक ऐप/UPI को नियंत्रित करने लगते हैं।

✔ 5. बैंक को तुरंत call करें – Freeze कराएँ

यदि गलती से पैसे भेज दिए हों।

✔ 6. Cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें

फ्रॉड recovery की कोशिश वहीं से होती है।

How to identify fake CBI ED calls

Reed This:- https://in.norton.com/blog


📢 जागरूकता के उपाय & सरकारी प्रयास

  • I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) स्कैम नंबर ब्लॉक कर रहा है
  • टेलीकॉम कंपनियाँ spoofed calls को रोक रही हैं
  • मोबाइल कंपनियाँ fraud warning alerts दे रही हैं
  • मीडिया/WhatsApp/YouTube पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए खास cyber safety workshops आयोजित हो रही हैं
Reed This For:- WhatsApp Privacy Risk 2025: 75 करोड़ Indian Users का Data Scrape

🎯 निष्कर्ष

डिजिटल अरेस्ट स्कैम 2025 का सबसे खतरनाक साइबर अपराध बन चुका है।
लेकिन अच्छी बात यह है:

✔ सुप्रीम कोर्ट ने इस पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है
✔ सरकार, CBI, साइबर पुलिस और I4C मिलकर इसे रोक रहे हैं
✔ थोड़ी सावधानी रखकर आप 100% सुरक्षित रह सकते हैं

याद रखें:

🚫 कोई डिजिटल अरेस्ट नहीं होता
🚫 कोई सरकारी अधिकारी फोन पर पैसा नहीं मांगता
🚫 वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी असंभव है

जागरूक रहें—और दूसरों को भी बचाएँ।

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